हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी की बाइट।
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सर्वे से भव्य मंदिर बनने का रास्ता साफ होगा
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता हरि शंकर जैन ने कहा- ज्ञानवापी में ऐसे अनगिनत साक्ष्य मौजूद हैं जो बताते हैं कि वह एक हिंदू मंदिर था। एएसआई सर्वे से वास्तविक तथ्य सामने आएंगे। हमें यकीन है कि असली शिवलिंग ज्ञानवापी में मुख्य गुंबद के नीचे छुपाया गया है। इस सच्चाई को छुपाने के लिए मुस्लिम पक्ष बार-बार आपत्ति जता रहा है। वो जानते हैं कि सर्वे में सच सामने आने के बाद ज्ञानवापी में भव्य मंदिर बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने फैसले के बाद कहा- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि एएसआई का सर्वे संबंधी जिला अदालत का आदेश सही है। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी अब सुप्रीम कोर्ट जा सकती है, लेकिन वहां भी उनकी दलीलें काम नहीं आएंगी। ज्ञानवापी में इतने साक्ष्य मौजूद हैं और वह स्वत: गवाही दे रहे हैं कि मंदिर को तोड़ कर उसके ढांचे पर मस्जिद बनाई गई है। सर्वे के दौरान हम लोग एएसआई को पूरी तरह से सहयोग करेंगे। सर्वे का काम जल्द संपन्न हो, यह हमारी प्राथमिकता में है।
एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय
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ज्ञानवापी के लिए याचिका दायर करने वाली सीता साहू, लक्ष्मी, मंजू व्यास और रेखा पाठक।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश आते ही काशी में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। ज्ञानवापी हिंदू पक्ष की पैरोकार सीता साहू ने बताया कि हम लोगों के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला आया है। ज्ञानवापी का अब पूरी तरह से सर्वे होगा इससे पहले जो भी सर्वे हुआ था उसमें बहुत कुछ निकल कर आया था। जैसे त्रिशूल घड़ियाल संघ इत्यादि निकल कर आई था। लेकिन अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद पूरी तरह से सब कुछ एसआई सर्वे से क्लियर हो जाएगा कि वहां मस्जिद थी या मंदिर।