आजमगढ़। इंटीग्रेटेड स्कीम फार स्कूली शिक्षा कार्यक्रम के तहत जिले के बेसिक स्कूलों में पढ़ाई को हाईटेक बनाने के लिए विभाग ने प्रत्येक ब्लाॅक के बीआरसी पर आईसीटी लैब की स्थापना की जाएगी। पहले चरण में जिले के 22 विकास खंडों व एक नगर क्षेत्र में आईसीटी लैब के क्लास सेटअप के लिए बजट जारी कर दिया गया है। प्रत्येक लैब पर 50-50 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
जिले में 2706 परिषदीय स्कूल है। इसमें 1724 प्राथमिक, 458 उच्च प्राथमिक व 524 कंपोजिट विद्यालय शामिल है। सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पढ़ाई के बेहतर माहौल और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। बीआरसी पर केेंद्र सरकार के सहयोग से आईसीटी लैब की स्थापना होगी। जिसके तहत यहां पर ब्लॉक स्तर पर होने वाले सभी कामकाज की ऑनलाइन रिपोर्टिंग विभाग को जाएगी। इसके लिए चयनित 22 ब्लाॅक व नगर क्षेत्र में स्थित बीआरसी को एक कमरे में सेटअप तैयार करने के लिए 50-50 हजार की दर से रुपये जारी कर दिए गए है। जिससे लैब के लिए फर्नीचर और सीसीटीवी खरीदा जाएगा। हालांकि नव गठित करमा और कोन की बीआरसी को लैब के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
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होंगे आधुनिक संसाधन
आजमगढ़। इसके तहत हर बीआरसी को कंप्यूटर, फर्नीचर सहित कई तरह की सुविधाओं से लैस किया जाएगा। पहले चरण में जिन बीआरसी को धनराशि आवंटित की गई है। वहां शासन स्तर से लैब के लिए कंप्यूटर, ओपीएस सहित इलेक्ट्रॉनिक पैनल, बैटरी, इनबिल्ट माइक्रोफोन सहित एचडी वेब कैमरा, मल्टी फंक्शन प्रिंटर सहित अन्य की आपूर्ति होगी। इस लैब के लिए कम से कम 30 मीटर लंबे और 18 फीट चौड़े कैमरे का वरियता मिलेगी। इसके निर्माण से ब्लाॅक स्तर पर शिक्षकाें को जरूरी चीजों की ट्रेनिंग कराई जा सकेगी। साथ ही विभाग को विद्यालय से संबंधित बीआरसी लेवल से जो भी जानकारी चाहिए। वे काफी आसानी से उपलब्ध हो सकी की। जिसका आदान-प्रदान काफी आसानी से हो सकेगा।