ज्ञानपुर/अभोली। जिले की तहसीलों में सत्यापन विलंब से होने के कारण धान की खरीद प्रभावित हो रही है। जिले में धान खरीद के लिए 52 केन्द्रों बनाए गए हैं। 20 दिन में केवल 22 केन्द्रों पर खरीद 700 एमटी धान की खरीद हो सकी है। वहीं 30 केन्द्रों पर बोहनी तक नहीं हुई है। सोमवार को अभोली समिति पर धान बेचने आए किसान का माला पहनाकर स्वागत किया गया।
जिले में धान खरीद के लिए विपणन के 17 और पीसीएफ के 11 केंद्रों सहित कुल 52 क्रय केंद्र खोले गए हैं। 66 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एक नवंबर से खरीद तो शुरू हो गई, लेकिन पहले दिन हर केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा। दो नवंबर से खरीद की शुरूआत हो गई। धीरे-धीरे 20 दिन गुजर गए, लेकिन अब तक 30 केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसान नहीं पहुंचे हैं। विपणन विभाग क मुताबिक विपणन के 17, पीसीएफ के चार और एक अन्य एजेंसी पर ही खरीद की शुरूआत हो सकी है। इससे उम्मीद के हिसाब से खरीद रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। करीब 30 समितियों पर अब भी सन्नाटा पसरा है। जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पंजीकरण कराने वाले किसानों का तीनों तहसीलों में सत्यापन समय से नहीं हो पा रहा है। इससे खरीद प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 22 केंद्रों पर करीब 700 एमटी धान की खरीद हो सकी है। बहु उद्देश्यीय साधन सहकारी समिति अभोली में सोमवार को सचिव माधव राम यादव ने धान बेचने के लिए आए पहले किसान राजेश सिंह का माला पहनाकर स्वागत किया। किसान ने केंद्र पर 200 क्विंटल धान बेचा। इस मौके पर केंद्र प्रभारी हेमंत कुमार, अध्यक्ष जीत नारायण शुक्ला, बद्री कुमार पाठक, किसान सुभाष शुक्ला, रोशन सिंह मौजूद रहे।