हेमंत दोस्त शशांक और किशन के साथ रवि सिंह से मिलने गया। बंद कमरे में बातचीत के दौरान रवि सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार कर हेमंत की जान ले ली। अधिवक्ता कैलाश चंद्र वर्मा की तहरीर पर शिवपुर थाने में रवि सिंह, शशांक और किशन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार हेमंत की दाईं कनपटी पर लगी गोली बाईं ओर से निकल गई थी।
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पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से शव लेकर परिजन और अधिवक्ता घर के लिए निकले। सभी ने नटिनियादाई मंदिर के पास भोजूबीर-सिंधौरा मार्ग पर जाम लगा दिया। एडीसीपी वरुणा जोन नीतू के नेतृत्व में तीन एसीपी और पांच थानों की फोर्स पहुंची। आधे घंटे की मशक्कत के बाद सभी किसी तरह से माने और शव लेकर घर रवाना हुए। मरुई गांव पहुंचने पर सभी ने मरुई चौराहे पर भोजूबीर-सिंधोरा मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।
अधिवक्ता कैलाश चंद्र वर्मा ने सभी को शांत कराया तो 15 मिनट बाद जाम खत्म हुआ। हेमंत के शव को पिता कैलाश चंद्र वर्मा ने मुखाग्नि दी। डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि हेमंत के साथ गए दो साथियों की भूमिका की जांच की जा रही है। साक्ष्य और तथ्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।