आजमगढ़ में महिलाओं ने किया सड़क जाम
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नोटबंदी के 25 दिन बाद भी हालात अब तक सामान्य नहीं हो सके हैं। रविवार को लोगों की परेशानी और बढ़ गई। एक तरफ बैंक बंद रहे तो वहीं 70 से 80 फीसदी एटीएम में भी छुट्टी के हालात रहे। किसी एटीएम में पैसे नहीं थे, कहीं शटर गिरा हुआ था तो कहीं सिस्टम ही अपग्रेड नहीं किया जा सका है। सोमवार को बैंको के खुलते ही जबरदस्त भीड़ उमड़ी। बैंक खुलने से पहले ही लोग कतार में खड़े हो गए। कहीं कहीं तो लोगों की यह कतार काफी लंबी दिखी। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगभग ऐसी ही स्थिति दिखाई दे रही है।
लोगों का धैर्य भी अब जवाब देने लगा है। प्राप्त समाचारों के मुताबिक, आजमगढ़ जिले के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बेलकुंडा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया चांदपट्टी शाखा में रुपए नहीं मिलने के कारण लोगों ने हंगामा काटा और जाम लगाने लगे। बेलकुंडा में लाटघट रौनापार रोड और चांदपट्टी में रौनापार आजमगढ़ मार्ग को लोगों ने जाम कर दिया।
इससे वहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले रविवार को बैंक बंद होने की वजह से लोग नकदी के लिए दिन भर एटीएम का चक्कर लगाते रहे लेकिन ज्यादातर लोगों को निराशा हाथ लगी। नकदी संकट का असर घर से लेकर बाजार तक दिखने लगा है। लोगों के सामने मकान किराया, स्कूल फीस और दूधवाले के साथ-साथ मुहल्ले की दूकानों पर बकाए का भुगतान करने की समस्या है।
कुछ समय तक तो लोगों ने उधार लेकर काम चलाया लेकिन अब यह भी मिलना बंद हो गया है। एक महीने का कर्ज होने का भी टेंशन बना हुआ है। ऐेसे में कहीं भी एटीएम चालू होने की सूचना मिलने पर लोग वहीं पहुंच रहे हैं। तमाम लोग रात में भी एटीएम का चक्कर लगा रहे हैं।