गर्मी अब लाल आंखें दिखाने लगी है, सितम ढा रही है। हालत यह है कि सुबह आठ बजे के बाद से ही आसमान से अंगारे बरसने लग रहे हैं। इस कारण दस बजते ही कई सड़कें सूनी हो जा रही हैं। तेज धूप एवं भीषण गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। तापमान 44 डिग्री पार कर गया है।
ऐसे में काशीवासी बिजली कटौती से बिलबिला रहे हैं। काशी को कटौती मुक्त रखने की मुख्यमंत्री घोषणा के बाद से बिजली का संकट कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। इंडस्ट्रियल स्टेट फीडर पर दिन में कई बार बिजली की आंख मिचौनी चल रही है।
जर्जर तार-खंभों की वजह से फीडरों पर लोड नहीं संभल पा रहा है। शनिवार से लेकर अबतक कहीं लोकल फाल्ट तो कहीं ओवरलोड के चलते शहर बिजली की आंखमिचौनी जारी रही। बिजली न होने की वजह से घरों में दिन भर लोगों को पंखा झलते बीता।
उमस और बेचैनी से रात भी कई इलाकों में बेहाली में गुजरी। ज्यों ज्यों दिन चढ़ता गया त्यों त्यों तापमान में वृद्धि होती गई। तेज पछुवा हवा के साथ चलने वाली लू देह को झ़ुलसा रही थी। दोपहर को छुट्टी होने के बाद घरों को लौट रहे स्कूली बच्चों के चेहरे भीषण गर्मी से लाल हो रहे थे।
आटो रिक्शों , टेंपो मैजिक और बसों में सफर करने वाले यात्रियों का बुरा हाल रहा। इसके अतिरिक्त दिहाड़ी मजदूरों , दैनिक वेतनभोगी कर्मियों , मजदूरों को तपते आसमान के नीचे देह झुलसा देने वाली गर्मी में काम करते देखा गया।
आग बरसती गर्मी ने इंसानों को ही व्याकुल नहीं किया अपितु पशु पक्षियों तक को बेहाल कर दिया। शहर की सड़कों के किनारे घूमने वाले छ़्ट्टा पशुओं को पेड़ों की छांव की शरण के लिए भटकते देखा गया।
बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय ने बताया कि उत्तर-पश्चिम से शुष्क और गर्म हवाएं चल रही हैं। इससे तापमान में रोजाना बढ़ोत्तरी हो रही है। अभी कम से कम दो दिन तक मौसम इसी तरह रहेगा और गर्मी बढ़ेगी।
आठ या नौ मई को मौसम बदलने के आसार है। बादल और धुंध की संभावना जताई जा रही है। तब थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।