वाराणसी में ज्ञानवापी स्थित व्यास जी के तहखाने को डीएम की सुपुर्दगी में दिए जाने संबंधी वाद में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। जिला जज के अवकाश पर रहने के कारण सुनवाई टल गई वहीं अदालत ने सुनवाई के लिए 31 अक्टूबर की तारीख दी है।
इस मामले में सभी पक्षकारों को पैरवी के लिए वादी पक्ष को समय दिया गया। इस वाद में वादी पक्ष ने व्यास जी के तह खाने को विपक्षी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद द्वारा कब्जा किये जाने की आशंका जताई गई है ऐसे में इसे डीएम की सुपुरुदगी में दिए जाने के लिए वाद दाखिल किया गया है।
शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास ने बीते 25 सितंबर को ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी का तहखाना जिलाधिकारी को सौंपने के लिए सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में वाद दाखिल किया था। वाद में कहा गया है कि व्यासजी का तहखाना वर्षों से उनके परिवार के कब्जे में रहा।
वर्ष 1993 के बाद प्रदेश सरकार के आदेश से तहखाने की ओर बैरिकेडिंग कर दी गई। वर्तमान में नंदीजी के सामने स्थित व्यासजी के तहखाने का दरवाजा खुला हुआ है। ऐसी परिस्थिति में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी तहखाने पर कब्जा कर सकती है। इसलिए व्यासजी का तहखाना डीएम की सुपुर्दगी में दे दिया जाए।