ज्ञानवापी आदि विश्वेश्वर मामले में किरन सिंह की तरफ से दाखिल वाद की सुनवाई श्रृंगार गौरी मूल वाद के साथ करने के आवेदन पर जिला जज की अदालत में गुरुवार को सुनवाई होगी। इसी मामले की वादिनी लक्ष्मी देवी समेत चार महिलाओं की तरफ से सुप्रीमकोर्ट के अधिवक्ता विष्णु जैन ने दलील रखी थी।
उन्होंने कहा था कि ज्ञानवापी से संबंधित मुकदमों को अपने पास स्थानांतरित कर एक साथ सुनवाई की जाए। क्योंकि सभी मुकदमों में विधि व तथ्य समान है। सभी मुकदमों क़ो एक साथ सुना जाना चाहिए। किरन सिंह की तरफ से भी जवाब में दलील रखना शुरू कर दिया गया था।
अधिवक्ताओं में मानबहादुर सिंह, शिवम गौड़, अनुपम द्विवेदी की दलील थी कि इन महिला वादियों को स्थानांतरण आवेदन देने का कोई अधिकार नहीं है। किसी अन्य मुकदमे में पक्षकार भी नहीं हैं। ऐसे में सीपीसी की धारा 24 में स्थानांतरण आवेदन देने का कोई अधिकार नहीं है। सभी मुकदमों में पक्षकार अलग अलग हैं । किरन सिंह की तरफ से दाखिल वाद में भगवान आदि विश्वेश्वर को ज्ञानवापी का मलिकाना हक दिए जाने की मांग की गई है।