भारत के मुख्य न्यायाधीश(सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने शुक्रवार को वकील प्रशांत भूषण की दलीलों का संज्ञान लिया और कहा कि वह जिलाधिकारी को सूचित कर सकते हैं कि शीर्ष अदालत सोमवार को याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत है और इस दौरान ढांचा ढहाया नहीं जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट गांधीवादी मूल्यों के प्रचार में लगी सोसायटी ‘सर्व सेवा संघ’ की एक इमारत को गिराने का आदेश देने के वाराणसी के जिलाधिकारी के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर 10 जुलाई को सुनवाई करने पर सहमत हो गया है।
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भारत के मुख्य न्यायाधीश(सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने शुक्रवार को वकील प्रशांत भूषण की दलीलों का संज्ञान लिया और कहा कि वह जिलाधिकारी को सूचित कर सकते हैं कि शीर्ष अदालत सोमवार को याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत है और इस दौरान ढांचा ढहाया नहीं जाएगा।
भूषण ने इस मामले की तत्काल सुनवाई और ईमारत को गिराने के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के विचारों और दर्शन का प्रचार करने के लिए आचार्य विनोबा भावे ने 1948 में सर्व सेवा संघ की स्थापना की थी और अब स्थानीय प्रशासन द्वारा इमारत को ढहाने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले संगठन ने वाराणसी जिले में 12.90 एकड़ भूखंड पर बने ढांचों को गिराने के लिए उत्तर रेलवे द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। संगठन का कहना है कि वाराणसी के ‘परगना देहात’ में उसके परिसर के लिए जमीन उसने केंद्र सरकार से 1960, 1961 और 1970 में तीन पंजीकृत सेल डीड के माध्यम से खरीदी थी।