वाराणसी। फर्जीवाड़ा कर दोनाली बंदूक का लाइसेंस प्राप्त करने के मामले में शुक्रवार को आरोपी मुख्तार अंसारी के खिलाफ विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) अवनीश गौतम की अदालत में सुनवाई हुई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बांदा जेल से मुख्तार अंसारी को अदालत में पेश किया गया। इस दौरान बचाव पक्ष की बहस जारी रही और कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तिथि एक फरवरी नियत कर दी।
प्रकरण के अनुसार, आरोप है कि 10 जून 1987 को दोनाली बंदूक के लाइसेंस के लिए मुख्तार अंसारी ने गालीपुर के जिला मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र दिया था। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर से उसने शस्त्र लाइसेंस प्राप्त कर लिया था। फर्जीवाड़ा उजागर होने पर सीबीसीआईडी द्वारा चार दिसंबर 1990 को गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में मुख्तार अंसारी और तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर समेत पांच नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच के बाद तत्कालीन आयुध लिपिक गौरीशंकर श्रीवास्तव और मुख्तार अंसारी के विरुद्ध 1997 में अदालत में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गौरीशंकर श्रीवास्तव की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध 18 अगस्त 2021 को वाद समाप्त कर दिया गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और पूर्व डीजीपी देवराज नागर समेत 10 गवाहों का बयान दर्ज किया गया है।
सुरजेवाला मामले में अब पांच फरवरी को सुनवाई
वाराणसी। विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट अवनीश गौतम की अदालत में बुधवार को कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला से संबंधित धरना-प्रदर्शन और तोड़फोड़ मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब पांच फरवरी को सुनवाई होगी। प्रकरण के मुताबिक, 23 वर्ष पूर्व संवासिनी प्रकरण में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में युवा कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजेवाला के नेतृत्व में कमिश्ननरी में प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाई गई थी। इस मामले में सुरजेवाला की पत्रावली की सुनवाई अलग चल रही है। संवाद