वाराणसी। गंगा में चल रही अवैध नावों का संचालन रोकने के लिए नगर निगम की ओर से बीते नवंबर महीने से सर्वे किया जा रहा है। सर्वे को नवंबर में ही पूरा होना था लेकिन दो महीने बाद भी सर्वे पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में न तो नावों को लाइसेंस मिल पा रहा है और न ही अवैध नावों के संचालन में रोक लग पा रही है।
गंगा में करीब 2500 नावों का संचालन होता है। इसमें से 1200 नावाें को ही नगर निगम ने लाइसेंस दिया है। शेष का संचालन अवैध तरीके से किया जा रहा है। इसमें कुछ ऐसे नाविक हैं जिनका परिवार अलग होने से अब अन्य सदस्यों को भी लाइसेंस की दरकार है। हालांकि जीवनयापन के लिए वे बिना लाइसेंस के ही गंगा में नाव चलाते हैं। इन सब समस्याओं से निजात के लिए निगम इन नावों का सर्वे कर इसका विस्तृत डेटा बनाने की तैयारी में है। सर्वे होने के बाद नगर निगम सभी वैध नाविकों को लाइसेंस जारी करेगा।
इसके अलावा सभी नाविकों का डेटा ऑनलाइन दर्ज करेगा। साथ ही एक घाट से दूसरे घाट तक नाव संचालन के लिए निर्धारित दर को अपलोड किया जाएगा। नाविकों को डिजिटल आईकार्ड जारी होगा, जिसमें बार कोड होगा। बार कोड स्कैन करते ही नाविक की जानकारी सामने आएगी।
अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि सर्वे का काम जारी है। जल्द ही रिपोर्ट नगर आयुक्त को दी जएगी। संवाद