वाराणसी। बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में बन रहे अस्थायी कोविड हॉस्पिटल में सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मी (चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ) रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल में रहेंगे। जिला प्रशासन ने इसका अधिग्रहण किया है। मंगलवार को बीएचयू प्रशासन ने हॉस्टल खाली करा दिया है। वहीं, यहां पहले से रहने वाले कुछ छात्रों ने फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि कोरोना संकट के दौर में इस तरह की कार्रवाई छात्र विरोधी है।
बीएचयू में डीआरडीओ की मदद से 750 बेड के अस्थायी कोविड हॉस्पिटल का काम तेज हो गया है। माना जा रहा है कि 10 मई के बाद से संचालन शुरू हो जाएगा। बेड, वेंटिलेटर लगाने, ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सहित अन्य प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अस्पताल संचालन के लिए वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों से भी स्वास्थ्य कर्मी आएंगे। ऐसे में जिला प्रशासन ने रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास को अधिग्रहित कर लिया है। मंगलवार दोपहर बाद बीएचयू चीफ प्रॉक्टर के साथ प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम हॉस्टल पहुंची और इसे खाली कराया। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आनंद चौधरी ने बताया कि बीएचयू के अन्य हॉस्टल में तो नियमानुसार कुछ छात्र रह रहे हैं, लेकर रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल को किसी भी छात्र के लिए आवंटित नहीं किया गया था।