कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की संभावना को देख स्वास्थ्य कर्मियों को बच्चों के इलाज और जांच का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें बच्चों को भर्ती करने के बाद ऑक्सीजन देने, पल्स ऑक्सीमीटर से जांच करने सहित बेहतर इलाज के बारे में बताया जा रहा है। एसीएमओ डॉ. पीपी गुप्ता एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. अतुल सिंह की देखरेख में एक जुलाई तक चलने वाले प्रशिक्षण में अस्पतालों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों के भी चिकित्सकों को शामिल किया गया है। शुक्रवार को दीनदयाल अस्पताल के सभागार में शिविर का उद्घाटन सीएमओ डॉ. वीबी सिंह और सीएमएस डॉ. वी शुक्ला ने किया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय, बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संतोष, भावना बिष्ट, रजनी कांत दुबे ने पीडियाट्रिक कोविड केयर का प्रशिक्षण दिया। सीएमओ ने बताया कि बच्चों के लिए विशेष कोविड वार्ड बनाए जाएंगे। सीएमएस डॉ. वी शुक्ला ने कहा कि इलाज को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। बाल रोग विशेषज्ञ को ट्रेनिंग के माध्यम से इलाज की जरूरत एवं सावधानियाें के बारे में जानकारी दी गई।
लक्षण की पहचान, दवा की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण में ट्रेनर ने बच्चों के लक्षणों की पहचान, खतरे के चिन्हों आदि के बारे में जानकारी दी। साथ ही उपचार के दौरान उन्हें किस मात्रा में कौन सी दवा देनी है, इसके बार में भी विस्तार से बताया गया। वार्ड में भर्ती बच्चों के लिए लगने वाले उपकरण के प्रयोग के बारे में भी बताया गया। किस उम्र के बच्चों में को ऑक्सीजन देना है की जानकारी दी।
663 जांच, चार बच्चे संक्रमित
वाराणसी। शुक्रवार को बच्चों के 663 नमूनों की आरटीपीसीआर जांच में 4 बच्चे संक्रमित मिले। इसमें छह से 12 साल के तीन और 13 से 18 साल में एक बच्चा संक्रमित है।