घर-खेत गंवाने वालों को मिले मुआवजा
ग्रामीणों ने बाढ़ और कटान में मकान व फसल गंवाने वाले परिवारों का तत्काल सर्वे कराने तथा उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की। प्रभावित किसानों को नष्ट हुई फसल और कृषि भूमि का भी मुआवजा देने की मांग उठाई गई।
भवन तैयार, डॉक्टरों का इंतजार
हुसैनाबाद, सुखपुरा और रैगवां में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया गया। कहा गया कि भवन बनने के बावजूद चिकित्सकीय सेवाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। आपात स्थिति में मरीजों को 30 से 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है।
डेढ़ महीने से बिजली आपूर्ति प्रभावित
सैदपुर फीडर की बिजली व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई गई। आरोप है कि करीब डेढ़ महीने से आपूर्ति प्रभावित है और रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है। इससे ग्रामीणों के साथ किसान और व्यापारी भी परेशान हैं। नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
जर्जर सड़कों से आवागमन मुश्किल
मुख्य मार्गों से गांवों को जोड़ने वाली संपर्क सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल रहा। ग्रामीणों ने कहा कि जर्जर सड़कों से आवागमन मुश्किल हो गया है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। सड़कों की मरम्मत और जरूरत के अनुसार नए निर्माण की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के बाद एसडीएम डॉ. पुष्कर मिश्रा ने प्रतिनिधिमंडल को समस्याओं के जल्द निराकरण का आश्वासन दिया। इस दौरान अभिमन्यु राजभर, राकेश तिवारी, राकेश यादव, सुनील ठाकुर, सोनू यादव, नवीन मिश्रा, पवन पांडेय, विनय तुरा, अभिलाष, मुन्ना गोड़, अमलेश चौहान समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।