हौसला पोषण मिशन के तहत गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को भोजन के साथ एक-एक फल उपलब्ध कराने में ग्राम प्रधानों ने हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना था कि तीन रुपये में फल दे पाना कतई संभव नहीं है। शुक्रवार को हरहुआ ब्लॉक मुख्यालय में हुई बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जब प्रधानों से सहयोग की अपील की तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार को इस योजना को सफल तरीके से संचालित करना है तो इस मद में बजट बढ़ाना होगा। बड़ागांव में भी बैठक हुई और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को खुले में शौच मुक्त अभियान के निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी नीलम मेहता ने हरहुआ ब्लॉक में आयोजित बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, ग्राम प्रधानों और सुपरवाइजरों के साथ बैठक की। इसमें हौसला पोषण मिशन के संचालन और गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने अभियान को गति देने पर चर्चा हुई। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को मीनू के हिसाब से ताजा भोजन के साथ फल उपलब्ध कराने को कहा। इस पर प्रधान संघ के अध्यक्ष राम गोविंद पटेल ने कहा की 3 रुपये में फल दे पाना संभव नहीं है। सरकार को इस मद में बजट बढ़ाना होगा। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को खुले में शौच मुक्त अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में बीडीओ उमा देवी गुप्ता, सीडीपीओ रमेश कुमार यादव, प्रभारी सीडीपीओ शीला यादव, सुपरवाइजर शशिप्रभा, सीता राय, उषा गौतम, नीलू सिंह, प्रधान त्रिभुवन मिश्रा, संजय सिंह, संतोष सिंह आदि थे।
इसी तरह, बड़ागांव ब्लॉक की बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने हौसला पोषण मिशन के तहत प्रधानों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के नाम संयुक्त खाता खोला जाएगा। प्रभारी सीडीओपी मीरा कुमारी और बीडीओ रक्षिता ने हौसला योजना के लक्ष्य और उद्देश्य की जानकारी दी। मुख्य सेविका कलावती देवी समेत 311 आंगनवाड़ी कार्यकत्री और प्रधान संघ की अध्यक्ष आरती यादव, संध्या यादव, राम जियावन गुप्ता, हैदर अली, गीता जायसवाल मौजूद थीं।