बजरडीहा जक्खा में रास्ते पर बह रहा सीवर का पानी।
बजरडीहा और आजाद नगर और जक्खा में बिछाई गई सीवेज पाइप लाइन वहां के बाशिंदों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। दिन-रात सड़क पर बहता सीवर और गंदगी के चलते लोगों का घरों के बाहर निकलना दुश्वार हो गया है। अधिकारियों की लापरवाही और अदूरदर्शिता से इस इलाके की लगभग 20 हजार की आबादी प्रभावित है। जनता छह साल से यह दुश्वारी झेल रही है। शिकायत के बाद भी अधिकारी इस समस्या को दूर करने को लेकर गंभीर नहीं हैं।
बजरडीहा जोल्हा के पार्षदपति अख्तर अली का कहना है कि करीब छह साल पहले डूडा ने सीवेज पाइप लाइन बिछाई थी। लगभग 350 मीटर लंबी सीवेज पाइप को बिछाने पर दो करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए गए। अधिकारियों और ठेकेदारों ने आनन-फानन में गलत ढंग से पाइप बिछा दी। ढलान की बजाय ऊपर की ओर पाइप बिछने से सीवेज ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न हो गई है। यही वजह है कि अक्सर घरों में सीवर का पानी आ जाता है।
इधर, मार्च तक नाला-नाली की सफाई का काम पूरा करने का दावा करने वाला नगर निगम भी अपने काम में फिसड्डी है। मानसून पूर्व की नगर निगम की तैयारियों की पोल खुल गई है। अकेले आजाद नगर या जक्खा में ही ऐसे हालात नहीं। शहर के दर्जनों ऐसे इलाके हैं जहां लंबे समय से सीवर लाइन चोक है। आने वाले बरसात में इन इलाकों में रहने वाले लोगों को एक बार फिर मुश्किल हालातों से गुजरना होगा।