अखंड सुहाग की कामना का पर्व हरतालिका तीज 31 अगस्त को है। त्योहार को लेकर साड़ी, चूड़ी, शृंगार के सामान से लेकर चांदी की पायल, बिछिया संग सोने व आर्टिफिशियल ज्वेलरी की खरीदारी जोरों पर है। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर अच्छे कारोबार के बाद अब व्यापारी महिलाओं के सबसे बड़े त्योहार तीज पर 50 करोड़ तक के कारोबार होने की उम्मीद जता रहे है।
बाजारों में भी तीज को लेकर चहल पहल शुरू हो गई है। महिलाओं का मायके आने-जाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। तो दूसरी तरफ शहर के कपड़ा, ज्वेलरी, शृंगार सामग्री और पूजा के दुकानों पर भी महिलाओं की भीड़ देखते ही बन रही है। शादी के बाद पहली तीज पर बहन, बेटियों के लिए आकर्षक उपहारों की खरीदारी भी हो रही है।
साड़ी सूट से लेकर लहंगे की भी खरीदारी
साड़ी शोरूम के संचालक गौरी धानुका ने बताया कि रक्षाबंधन पर जहां एक करोड़ तक की खरीदारी हो गई थी। वहीं तीज पर पिछले दो साल के बाद अच्छे कारोबार की उम्मीद है। सावन के बाद पड़ने वाली इस तीज को प्रमुखता से मनाया जाता है, ऐसे में महिलाओं की खरीदारी शुरू हो गई है। फैशन के अनुसार सिल्क की साड़ी व सूट काफी पसंद की जा रही है। वहीं नई दुल्हन के लिए बंधेज के साथ ऑरगेंजा स्टाइल के लहंगे खरीदे जा रहे हैं। जहां तक कारोबार की बात है इस साल 15 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है।
चूड़ियों के बाजार में छाई रंगत
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के बाद अब तीज को लेकर बाजारों में रंगत छाने लगी है। तीज को देखते हुए दुकानों पर विशेष चूड़ियां उतारी गईं। कास्मेटिक आइटम शोरूम की संचालक हिमानी जायसवाल बताती हैं कि नवविवाहिताएं ज्यादातर पोशाक के अनुरूप ही चूड़ियों का सेट बनवा रही हैं। इस सेट में परिधान के रंग को प्रमुखता से लिया जाता है। इस दौरान नई स्टॉक की चूडियां 500 रुपये से लेकर 5000 से सात हजार रुपये तक भी उपलब्ध है। महानगर उद्योग व्यापार समिति वाराणसी मंडल के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने बताया कि कोरोना के कारण पिछले साल एक लाख से ज्यादा की सेल तीज पर हुई थी। इस बार लगभग पांच से 15 लाख तक कास्मेटिक कारोबार होने की उम्मीद है।