बिहार के कैमूरे के मोहनिया का एक किशोर तीन माह पहले अचानक लापता हो गया। बेटे को खोजने के लिए पूरा परिवार दर-दर भटकता रहा। इस बीच सोमवार को बेटे को वाराणसी के अपना घर आश्रम में सही सलामत देख मां की आंखें छलक उठीं। बीमारी की हालत में घर से गायब हुए बेटे के मिलने की उम्मीद परिवार के लोग छोड़ चुके थे।
तीन माह बाद अपना घर आश्रम वाराणसी से आए एक फोन ने परिवार में खुशियां लौटा दीं। पता चला कि बेटा आश्रम में है। इसके बाद वो तत्काल ट्रेन से वाराणसी पहुंचे। यहां बेटे विनोद राम को देख मां लिपटकर रो पड़ी। जानकारी के मुताबिक, तीन माह पहले लहरतारा क्षेत्र में विनोद राम लावारिस हालत में पड़ा दिखा था। तब समाजसेवी संजय पाल ने उसे अपना घर आश्रम में भर्ती कराया।
लगातार सेवा एवं चिकित्सा के बाद उसने अपने घर का पता मोहनिया थाना अंतर्गत पश्चिम पुरवा गांव, बिहार बताया। पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने के बाद विनोद के परिजनों को सूचना दी गई। सोमवार सुबह विनोद की मां निर्मला देवी, भाई मुन्ना और जीजा अजीत कुमार आश्रम पहुंचे और विधि सम्मत तरीके से विदा करा कर घर ले गए।