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निफ्ट में अब हैंडलूम से यूजी-पीजी की भी सुविधा

Mon, 08 Aug 2016 02:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी
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निफ्ट (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी) से अब हैंडलूम से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया जा सकेगा। रविवार को वस्त्र मंत्रालय और निफ्ट के बीच इसके लिए समझौता हुआ। वस्त्र मंत्रालय ने इसके साथ ही बुनकरों और उनके बच्चों को घर पर ही शिक्षा दिलाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (एनआईओएस) और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के साथ भी एमओयू साइन किया है।
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बीएचयू में आयोजित कार्यकम में इस समझौते के बाद केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक साल पहले इसके लिए घोषणा की थी। आज उसे अमली जामा पहना दिया गया है। निफ्ट में हैंडलूम संबंधित डिजाइन करिकुलम को शामिल कर लिया है। बताया कि बातचीत में बुनकर कहते हैं कि हम तो पढ़-लिख नहीं सके पर बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं। वहीं बुनकरों के बच्चों में दुविधा है कि वह हुनर सीखें या स्कूल जाएं। इसी लिहाज से एनआईओएस से समझौता किया गया है। जो बच्चे पुश्तैनी हुनर सीखते हुए अपनी शिक्षा पूरी करना चाहते हैं, वे पांच से छह सौ रुपये में एनआईओएस से स्कूली स्तर से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक की शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।


केंद्रीय वस्त्र मंत्री ने रविवार को बड़ी बाजार के निवासी बुनकर मुहम्मद स्वालेह के घर गई। वहां उन्होंने बुनकरी का काम देखा। साथ ही हथकरघा से जुड़ी जरूरत व समस्याआें पर भी चर्चा की। कढ़ुवा बनारसी बूटीदार साड़ी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले वाराणसी के शाहिद जुनैद ने कार्यक्रम पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आयोजन का स्तर गिरता जा रहा है। कहा, पहले राष्ट्रपति विज्ञान भवन में बुनकरों को पुरस्कृत करते थे। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरस्कार दिया। इस बार पीएम के आने की जानकारी दी गई थी पर वह नहीं आए। न तो यह आयोजन और न ही जगह उपयुक्त रही। उन्होंने कहा कि अगर दो दिन पहले यह जानकारी मिली होती तो वह इसका बहिष्कार करते
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