वाराणसी। मुकद्दस हज के सफर का आगाज सोमवार से होगा। काशी से काबा जाने वाले खाने काबा का तवाफ इस बार तिरंगा तस्बीह से करेंगे। पहले दिन काशी से जाने वाली फ्लाइट 11 बजे दिन में 160 जायरीनों को लेकर रवाना होगी। सप्ताह भर चलने वाले हज आपरेशन में कुल 17 फ्लाइट से 2630 हज जायरीन रवाना होंगे। इसमें 16 खादिम उल हुज्जाज भी शामिल होंगे। सांस्कृतिक संकुल में बनाए गए अस्थायी हज कैंप में केंद्रीय हज समिति मुंबई और उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के कार्यालय के साथ ही अस्थायी पुलिस चौकी, बैंक के साथ ही चिकित्सकों की टीम तैनात की गई है।
लल्लापुरा के अल्तमश अंसारी ने बताया कि हज यात्रियों के लिए इस बार भी तिरंगा तस्बीह दिन रात की मेहनत के बाद तैयार कराई गई है। यह सभी जायरीनों को मुफ्त में दी जाएगी। सेंट्रल हज क मेटी के सदस्य डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने बताया कि 160 हज यात्रियों में से 91 ने ऑनलाइन बुकिंग कराई है।
हज खिदमतगार अदनान खां ने बताया कि हज यात्रियों को पासपोर्ट, वीजा, बोर्डिंग पास और हज से संबंधित जरूरी कागजात और समान उपलब्ध कराया जा रहा है। केंद्रीय हज समिति से आदिल मस्तान और मोनी पारकर संग केंद्रीय कार्यालय के इंचार्ज मोहम्मद आरिफ खां ने बताया कि हाजी अपनी उड़ान तिथि से दो दिन पहले सुबह नौ बजे तक ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
बाहरी जिलों के अधिकतर हाजियों द्वारा ऑनलाइन बुकिंग करा लेने के कारण अस्थायी हज हाउस में भीड़भाड़ कम रही। बाहरी जिलों के हाजियों का आना शुरू हो गया है जिनके ठहरने के लिए वाटर प्रूफ पंडाल बनाए गए हैं। नोडल अधिकारी डीएमओ रमेश चंद्र ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैदर अब्बास चांद, डॉ. गुफरान जावेद और पूर्वांचल हज समिति के अध्यक्ष हाजी रईस अहमद, हाजी अदनान व अन्य हज खिदमतगारों के साथ अस्थायी हज कैंप का दौरा किया और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।