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H3N2: बदलते मौसम में इन्फ्लूएंजा संक्रमण बढ़ने का खतरा ज्यादा, जानें- इससे बचने के लिए क्या करें और क्या नहीं

Sun, 12 Mar 2023 07:58 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

 इन दिनों अस्पतालों में मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीज अधिक आ रहे हैं। नए इन्फ्लूएंजा के लक्षण भी इससे मिलते जुलते हैं। इसमें बच्चों में पेट संबंधी बीमारियां, सर्दी, खांसी, बुखार के साथ ही पहले से बीमार बुजुर्गों में सांस लेने में तकलीफ, थकान भी देखने को मिल रही है। 
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H3N2 Virus - फोटो : Istock
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विस्तार
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कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद अब लोग इन्फ्लूएंजा एच3एन2 वायरस से परेशान हैं। इसके लक्षण भी कोरोना से मिलते जुलते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक कोविड प्रोटोकॉल का सही तरीके से अगर पालन किया जाए तो इसके संक्रमण से बचा जा सकता है। अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, खांसी, बुखार की समस्या लेकर आने वाले मरीजों को प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह भी दी जा रही है।

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सोनभद्र में इस नए वायरस की चपेट में तीन लोगों के आने के बाद वाराणसी समेत पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी सतर्कता बरती जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम बदल रहा है, ऐसे में सेहत के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। इन दिनों अस्पतालों में मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीज अधिक आ रहे हैं। नए इन्फ्लूएंजा के लक्षण भी इससे मिलते जुलते हैं। 

इसमें बच्चों में पेट संबंधी बीमारियां, सर्दी, खांसी, बुखार के साथ ही पहले से बीमार बुजुर्गों में सांस लेने में तकलीफ, थकान भी देखने को मिल रही है। ऐसे लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा जा रहा है।
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ये हैं वायरस के लक्षण
नाक बहना, शरीर में दर्द, खांसी, गले में खरास, सिरदर्द, ठंड लगना, थकान, सांस फूलना, उल्टी, दस्त, बुखार

बचाव के लिए करें ये उपाय

  • बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा लेने से बचें
  • हाथों की सफाई रखनी जरूरी है
  • अगर छींक आती हैं तो मुंह पर रूमाल रख लें
  • पहले से बीमार लोगों के संपर्क में आने से बचें
  • अस्पताल या अन्य भीड़भाड़ इलाके से घर आने पर सैनिटाइजर का प्रयोग करें
  • भीड़भाड़ वाले इलाके में जाने पर मास्क का प्रयोग करें

बीएचयू समेत अन्य जगहों पर निशुल्क जांच की सुविधा

नए वायरस से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में अगर डॉक्टर कोरोना जांच कराने की सलाह देते हैं तो उसे करा लेना चाहिए। मंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल, बीएचयू समेत अन्य जगहों पर निशुल्क जांच की सुविधा है। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
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अगर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जाए तो कोई परेशानी नहीं होगी। विशेषकर ऐसे लोग जिनकी उम्र 50 से अधिक है और पहले से हृदय रोग, सांस रोग सहित अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं, उन्हें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। - प्रो. गोपालनाथ, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, बीएचयू
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