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Varanasi News: खेल मंत्री के गृह जनपद में व्यायामशाला को फिटनेस की जरूरत

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जौनपुर। देश और प्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार करके खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने की कवायद चल रही है। खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार के प्रयास रंग भी ला रहे हैं, लेकिन जौनपुर जिले में खेल सुविधाओं की स्थिति खराब है। यहां के ग्रामीण स्टेडियम और व्यायामशाला खंडहर के रूप में तब्दील होते नजर आ रहे हैं। यह स्थिति तब है जब प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) खेल एवं युवा कल्याण विभाग गिरीश चंद्र यादव यहीं के रहने वाले हैं। यूं कहें तो यहां के व्यायामशाला को ही फिटनेस की जरूरत है।
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मछलीशहर ब्लाक के बेलासिन गांव में करीब दो दशक पहले व्यायामशाला का निर्माण कराया गया लेकिन यहां फिटनेस टिप्स देने के लिए न तो प्रशिक्षक है और न ही उपकरण ही मौजूद है। देखरेख के अभाव में व्यायामशाला का भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां खिड़की, दरवाजे टूटे पड़े हैं। अब तो गंदगी इतनी अधिक है कि गांव से यहां अभ्यास करने कोई भी नहीं आता। इसका निर्माण 1997-98 में इसी गांव के निवासी एवं तत्कालीन युवा कल्याण विभाग के निदेशक रमाकांत दुबे के प्रयास से हुआ था।

प्रतिक्रिया
गांव में व्यायामशाला भवन निर्माण के बाद से बंद पड़ा है। युवा कल्याण विभाग द्वारा कोई भी उपकरण फिटनेस के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया। किसी प्रशिक्षक का भी इंतजाम नही है। अब तो स्थिति ज्यादा खराब है। - रामश्रृंगार शुक्ला, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य
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युवा कल्याण विभाग से बने व्यायामशाला का कोई लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। गांव की सार्वजनिक भूमि पर बना भवन भी अब खंडहर बनता जा रहा है। देखरेख के अभाव में भवन गिरने की कगार पर पहुंच चुका है।-बालगोविंद पांडेय,
पूर्व प्रधान


15 माह पहले हुआ था कायाकल्प, अब 14 में से टूटी हैं 11 खिड़कियां

मीरगंज।
ग्राम पंचायत भटेवरा का ग्रामीण स्टेडियम जिस उद्देश्य से बना वह पूरा नहीं हो रहा। अभी 15 माह पहले ही यहां का कायाकल्प कराया गया और अब 14 में से 11 खिड़कियों के शीशे टूटे पड़े हैं। जबकि यहां देखरेख के लिए छह पीआरडी के जवानों का तैनात करके हर महीने मानदेय दिया जाता है।
2004 में ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण कराया गया। यह करीब नौ बीघे के क्षेत्रफल में है। यहां साल में दो बार खंड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। यहां बने भवन की स्थिति यह है कि 14 खिड़कियों में से 11 का शीशा टूटा हुआ है। बाथरूम को स्टोर रूम बना दिया गया है। जहां खेल के सामान रखे गए हैं वही आफिस में दरवाजा ही नहीं लगाया गया है। मैदान में बड़ी-बड़ी घासें उगी हैं।
व्यायामशालाओं को ठीक कराने पर विचार हुआ है। जल्दी ही दिखवाकर प्रस्ताव बनाया जाएगा। ग्रामीण स्टेडियमों में जहां भी दिक्कत है उसे ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा। -बीके सिंह, जिला युवा कल्याण अधिकारी
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