ज्ञानवापी मस्जिद में कूप में मिली आकृति। इसे हिंदू पक्ष शिवलिंग और मुसलिम पक्ष फव्वारा कह रही है।
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हिंदू पक्ष दाखिल करेगा कैविएट
जिला जज की अदालत के फैसले पर हिंदू पक्ष ने खुशी जताई है। कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल की जाएगी। ताकि, प्रतिवादी की अपील पर आदेश देने से पहले हिंदू पक्ष को सुना जाए। हिंदू पक्ष को सुनने के बाद ही अदालत अपना आदेश सुनाए।
मुस्लिम पक्ष बोला, जिला जज को सुनवाई का अधिकार नहीं
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से कहा गया कि हाईकोर्ट के 12 मई के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 19 मई से स्टे है। एएसआई सर्वे के आवेदन को सुनने का अधिकार जिला जज को नहीं है। दूसरी अहम बात यह है कि इस मामले में एक बार सर्वे हो चुका है। उस पर आपत्ति भी की गई है। बगैर उसके निस्तारण के सर्वे का दूसरा आदेश नहीं दिया जा सकता। हिंदू पक्ष ने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की बात कही है, लेकिन उसका कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है। अभी आदेश की कॉपी अभी नहीं मिली है। आदेश का अध्ययन करने के बाद फैसला लिया जाएगा। जिला जज की अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। पहले शृंगार गौरी के पूजा का अधिकार मांगा गया। अब ज्ञानवापी के सर्वे की मांग करके मामले को उलझाया जा रहा है।