इस प्रकार पक्षकार बनने संबंधित अर्जी में संशोधन करते हुए कुछ निर्देश जोड़ने की गुहार लगाई गई है। इस पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने आपत्ति दाखिल कर दी है। इस मामले में बेटियों की ओर से बहस पूरी कर ली गई है। वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से पिछली तिथि के बाद बहस शुरू की गई।
वादमित्र ने कहा कि वादी रहे हरिहर पांडेय के आवेदन के आधार पर 11 अक्टूबर 2019 को वादपत्र में संशोधन के ज़रिये विजय शंकर रस्तोगी को वादमित्र और वादी संख्या पांच बनाया गया है। हरिहर पांडेय की वर्ष 2023 में मृत्यु हुई थी। हालांकि वर्ष 2023 में उन्होंने अपने दो पुत्रों को वादी संख्या छह और सात बनाने की अर्जी दी थी। इस दौरान एक बार भी किसी ने विरोध नहीं किया।