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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग की पूजा-पाठ पर सुनवाई अब 27 अगस्त को

Mon, 08 Aug 2022 04:11 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग की आकृति की पूजा-पाठ को लेकर दाखिल वाद में सोमवार को सिविल जज सीनियर डिविजन कुमुदलता त्रिपाठी की कोर्ट में सुनवाई हुई।
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वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग की आकृति की पूजा- राग, भोग आरती करने को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तरफ से दाखिल वाद में सिविल जज सीनियर डिवीजन कुमुदलता त्रिपाठी की कोर्ट ने दोनों पक्षकार डीएम और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर तामील कराया। साथ ही कोर्ट ने सुनवाई की तिथि 27 अगस्त नियत कर दी। इसमें डीएम और पुलिस आयुक्त अपना पक्ष रखेंगे। 

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प्रकरण में तीसरा पक्षकार अंजुमन इंतजामिया कमेटी पहले ही कोर्ट में हाजिर हो चुका है। अदालत में वादी पक्ष की ओर से अर्जेंट आवेदन देकर कहा गया था कि देवता नाबालिग होते हैं। उनकी देखरेख कोई और करता है। जब देवता नाबालिग हैं तब एक दिन भी पूजा पाठ, राग भोग के बगैर रखना सनातन धर्म और विधि के अनुकूल नहीं है।

ऐसे में त्वरित सुनवाई किया जाना आवश्यक है। कोर्ट में हाजिर विपक्षी दूसरे पंथ के हैं, जो हम सनातनियों के देवता को नहीं मानते और लंबी तारीख लेना चाहते हैं। इसलिये बिना नोटिस के ही कोर्ट में पहले ही हाजिर हो गए। ऐसे में इस आवेदन का सभी आवेदनों से पहले निस्तारित किया जाय और विपक्षी संख्या एक डीएम को आदेशित किया जाय कि पूजा पाठ राग भोग से न रोका जाए।

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इस आवेदन पर सोमवार को सुनवाई होनी थी लेकिन हो नहीं सकी। बता दें कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य व प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व रामसजीवन ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार त्रिपाठी, चंद्रशेखर सेठ, रमेश उपाध्याय व एसके द्विवेदी के जरिए अदालत में वाद दाखिल किया है।
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