फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gyanvapi Masjid Case: अखिलेश-ओवैसी मामले में वाद सुनवाई योग्य, 29 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

Tue, 15 Nov 2022 04:14 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

ज्ञानवापी के वजूखाने में गंदगी करने और अखिलेश यादव-ओवैसी की बयानबाजी मामले को कोर्ट ने सुनवाई योग्य बताया है। मुकदमा दर्ज करने के मुद्दे पर सुनवाई की अगली तारीख 29 नवंबर नियत कर दी। इस मामले में बीते मंगलवार को  वादी पक्ष की ओर से लिखित बहस दाखिल की गई थी।
विज्ञापन
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ज्ञानवापी के वजूखाने में गंदगी करने और नेताओं की बयानबाजी को लेकर दाखिल वाद में मंगलवार को एसीजेएम पंचम/एमपी-एमएलए कोर्ट उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत ने वाद को सुनवाई योग्य पोषणीय पाया और मुकदमा दर्ज करने के मुद्दे पर सुनवाई की अगली तारीख 29 नवंबर नियत कर दी। इस मामले में बीते मंगलवार को  वादी पक्ष की ओर से लिखित बहस दाखिल की गई थी। अदालत ने वादी पक्ष के लिखित बहस दाखिल की थी और अदालत ने आदेश के लिए 15 नवंबर की तिथि नियत की थी।
विज्ञापन

गौरतलब है कि वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने कोर्ट में अधिवक्ता आरपी शुक्ल,अजय प्रताप सिंह,घनश्याम मिश्र के जरिये कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि ज्ञानवापी परिसर में नमाजियों की ओर से वजूखाने में हाथ-पैर धोए जाते है और गंदगी फैलाई जाती है। जबकि वह स्थान हमारे अराध्य भगवान शिव का स्थान है। यह हिंदू समाज के लिए अपमानजनक है।
विज्ञापन

Gyanvapi controversy - फोटो : Social Media
इसके साथ ही सर्वे में मिले शिवलिंग को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आदि ने ज्ञानवापी प्रकरण पर बयान देकर हिंदुओं की भावनाओं पर कुठाराघात किया है। अधिवक्ता ने इस मामले में ज्ञानवापी मस्जिद के अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल वाकी, मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, कमेटी के संयुक्त सचिव सैय्यद मोहम्मद यासीन और बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। वहीं इस मामले में मुस्लिम पक्ष ने अर्जी के खिलाफ पोषणीयता की अर्जी दी थी जिसे कोर्ट पहले ही खारिज कर चुकी थी। इस मामले में चार तिथि पहले ही अदालत में दोनों पक्ष को सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट के आदेश का सभी को इंतजार था। इस बीच पिछली तिथि पर अदालत ने वादी को अपना लिखित बहस दाखिल करने का आदेश दिया था,बहस दाखिल होने के बाद मंगलवार को कोर्ट ने वाद को सुनवाई योग्य पाया और मुकदमा दर्ज किए जाने के मुद्दे पर 29 नवम्बर की तिथि नियत कर दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें