इसमें जनता की भगवान विशेश्वर (विश्वनाथ) के प्रति भावना का प्रतिबिंबित किया गया है। यह सुस्थापित कानून है कि वाद मित्र देवता के हित में कार्य नहीं करते हैं जबकि वाद जनप्रतिनिधि वाद हो तब भक्तों को वाद में देवता वादी के हित में हस्तक्षेप करने का अधिकार प्राप्त है। दोनों मामले में वादमित्र के ओर से आपत्ति दाखिल की गई है। इसी बीच अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया।
ज्ञानवापी : निगरानी अर्जी पर अदालत आज सुना सकती है फैसला
अपर जिला जज चौदहवां सुधाकर राय की अदालत मंगलवार को ज्ञानवापी से जुड़ी निगरानी अर्जी पर फैसला सुना सकती है। यह अर्जी लोहता के मुख्तार अंसारी ने दाखिल की है। वह मामले में पक्षकार बनना चाहते हैं। पिछली तिथि पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की विधि व्यवस्था दाखिल की थी। जबकि मुख्तार अंसारी की ओर से पहले ही रूलिंग दाखिल कर दी गई थी। अदालत ने फैसले के लिए23 सितंबर की तिथि तय कर रखी है।