पिछली सुनवाई में वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता ने अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगाने की मौखिक दलील दी थी। इस पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि केवल मौखिक दलील के आधार पर वाद की कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने लिखित अर्जी दाखिल करने की मांग की थी।
उल्लेखनीय है कि हरिहर पांडेय के निधन के बाद उनकी तीन बेटियों ने वादमित्र को हटाने की अर्जी दाखिल की थी, जिसे अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है। इसके बाद बेटियों की ओर से पक्षकार बनने संबंधी अर्जी में संशोधन के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिसमें वादी संख्या पांच एवं वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने की मांग की गई है। अब इस प्रकरण में अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।