सुनवाई के दौरान विजय शंकर रस्तोगी की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई गई। इसके जवाब में अनुष्का तिवारी की ओर से प्रति-आपत्ति दाखिल की गई। मामले में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को भी डिले कंडोनेशन प्रार्थना पत्र और लिखित आपत्ति दाखिल करने का अवसर अदालत की ओर से दिया गया है।
अनुष्का तिवारी ने अदालत से मामले का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान आदि विश्वेश्वर के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसकी सुनवाई जल्द पूरी की जानी चाहिए।
अदालत में हुई सुनवाई के बाद अब मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी। उस दिन पक्षकारों की ओर से दाखिल आपत्तियों और प्रार्थना पत्रों पर आगे की सुनवाई होने की संभावना है। मामला 1991 के मूल वाद में 2019 की वाद मित्र नियुक्ति से जुड़ा होने के कारण इसकी सुनवाई पर पक्षकारों की नजर बनी हुई है।