इस पर हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से ज्ञानवापी में मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग व साइंटिफिक सर्वे की रिपोर्ट मांगी थी। यह रिपोर्ट भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की तरफ से हाईकोर्ट में जमा की गई थी। इसे अब हाईकोर्ट ने स्वीकार करके कार्बन डेंटिंग और साइंटिफिक सर्वे का आदेश पारित कर दिया है।
हिंदू पक्ष ने दावा किया कि ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग है।
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वादी रेखा पाठक ने कहा कि हमारी मेहनत रंग ला रही है। वैज्ञानिक पद्धति से जांच होगी तो दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा। अभी तो यह झांकी है। आगे बड़ी लड़ाई बाकी है। सीता साहू ने कहा कि जो सत्य है, वह सामने आए। यही महादेव से प्रार्थना है। वैज्ञानिक पद्धति से जांच होगी तो स्पष्ट हो जाएगा कि शिवलिंग कितना प्राचीन है। यह खुशी का दिन है।
लक्ष्मी देवी ने कहा कि जहां धर्म होता है, वहीं विजय होती है। वैज्ञानिक पद्धति से जांच होगी तो सब साफ हो जाएगा। आदि विश्वेश्वर का स्वयंभू शिवलिंग अनादि काल से ज्ञानवापी में विद्यमान है। वहीं मंजू व्यास ने कहा कि ज्ञानवापी में कैद बाबा की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। आराध्य आदि विश्वेश्वर का मंदिर उजाड़ा गया, फिर जबरन मस्जिद बनाई गई थी।
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने कहा कि सत्यता सामने आनी ही चाहिए। वैज्ञानिक पद्धति से जांच होगी तो साबित हो जाएगा कि ज्ञानवापी के वजूखाने में पुराना और खराब पड़ा फव्वारा है। वहां कोई शिवलिंग नहीं है। हालांकि, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति अभी नहीं मिली है। आदेश की प्रति मिलने पर उसका अध्ययन करेंगे। अदालत पर पूरा भरोसा है। अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं।