इसके पहले 30 मई को स्पेशल सीजेएम सर्वोत्तमा नागेश वर्मा की अदालत में विश्व वैदिक हिंदू सनातन संस्था के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन ने अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी के जरिए आवेदन दाखिल किया था। इसमें कहा गया था कि धार्मिक स्वरूप बदलना विशेष पूजा स्थल अधिनियम 1991 का उल्लंघन है।
वजू स्थल के पास बरामद शिवलिंग के स्वरूप को बदलने का प्रयास किया गया। ऐसे में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के सचिव एसएम यासीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जाए। तब अदालत ने यह मामला खारिज कर दिया था। इसी आदेश के खिलाफ 14 जून को को रिवीजन याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर आज जिला जज ने सुनवाई की।