अधिवक्ता हरिशंकर जैन और विष्णु जैन
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ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में कमीशन की कार्यवाही के दौरान ही शिवलिंग मिलने की बात लेकर सबसे पहले अदालत पहुंचने वाले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने ही अयोध्या में रामलला के पूजा अधिकार का भक्तों को दिलाया था।
दरअसल, 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा टूटने के बाद पूरा परिसर सील हो जाने के कारण श्री रामलला की पूजा बंद हो गई थी। हरिशंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की कि हिंदुओं को श्रीराम लला के पूजा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। बाद में इसमें विजय मिली। इसके साथ ही मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि, कुतुबमीनार में मंदिर के दावे को लेकर भी जैन अदालत गए हैं।