हिंदू पक्ष के अधिवक्ता
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वादी पक्ष की चार महिलाओं ने सर्वे में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग या किसी अन्य वैज्ञानिक विधि से जांच की मांग की थी। मामले में दोनों पक्षों को सुनने और आपत्ति दाखिल करने के लिए समय देने के बाद अदालत ने आदेश के लिए 14 अक्तूबर की तिथि तय की थी। ज्ञानवापी में सर्वे के दौरान सामने आए शिवलिंग को हिंदू पक्ष प्राचीन विश्वेश्वर महादेव करार दे रहा है। वहीं, मुस्लिम पक्ष इसे लगातार फव्वारा बताते हुए कार्बन डेटिंग का विरोध कर रहा है।
ज्ञानवापी में सर्वे के दौरान वजूखाने में मिले शिवलिंग को अदालत ने सुरक्षित रखते हुए यहां पर हर प्रकार की गतिविधि पर रोक लगा दी थी। ऐसे में अदालत ने पूर्व के फैसले को दोहराते हुए जन भावनाओं का ख्याल रखते हुए शिवलिंग की यथास्थिति बरकरार रखने की बात कही है।