ज्ञानवापी परिसर से जुड़े सबसे पुराने वाद में सोमवार को अपर जिला जज (अष्टम) अमित कुमार तिवारी की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने संबंधी निगरानी अर्जी पर हुई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए चार अगस्त की तारीख निर्धारित की है।
अदालत में दाखिल निगरानी अर्जी पर वादमित्र की ओर से आपत्ति दाखिल की जा चुकी है, जबकि अंजुमन इंतजामिया मस्जिद की ओर से अभी जवाब दाखिल किया जाना बाकी है। यह निगरानी अर्जी अधिवक्ता अनुष्का तिवारी ने सत्र न्यायालय में दाखिल की है।
अर्जी में ज्ञानवापी के सबसे पुराने वाद में वर्ष 1991 से नियुक्त वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। मामला फिलहाल अपर जिला जज (अष्टम) की अदालत में विचाराधीन है।
ज्ञानवापी पुराने मामले की सुनवाई टली, अगली तारीख 30 जुलाई
जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी के पुराने मामले में दाखिल स्थानांतरण अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर से अधिवक्ता रईस अहमद अंसारी ने सुनवाई के लिए समय मांगा था। यह स्थानांतरण अर्जी अधिवक्ता अनुष्का तिवारी ने दाखिल की है। इसमें ज्ञानवापी से जुड़े अन्य मामलों को मुख्य वाद के साथ समेकित करने की मांग की गई है। यह अर्जी पहले खारिज हो चुकी थी, जिसके खिलाफ समीक्षा याचिका दाखिल की गई है।
मूल वाद वर्ष 1991 में सोमनाथ व्यास, रामरंग शर्मा और हरिहर पांडेय ने दाखिल किया था। इस मामले में विजय शंकर रस्तोगी और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर से आपत्ति दाखिल की जा चुकी है।