मां शृंगार गौरी प्रकरण की चार महिला वादिनियों सीता साहू, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और रेखा पाठक की ओर से जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था। अदालत से अनुरोध किया गया था कि ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े एक ही प्रकृति के सात अलग-अलग मुकदमों की सुनवाई जिला जज की अदालत में की जाए। इसके बाद जिला जज की अदालत ने आदेश पारित किया और अलग-अलग मुकदमों से संबंधित फाइलें तलब कीं। मामले में सभी पक्षों के बयान पहले ही दर्ज हो चुके थे।