ज्ञानवापी परिसर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी
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हम आशा करते हैं कि न्यायालय के दिशा-निर्देश का निष्पक्ष तरीके से पालन होगा और हमारी मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। साथ ही, 17 मई 2022 के सुप्रीम कोर्ट के अदालत के आदेश से हमारे धार्मिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे। सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि हम सभी से अपील करते हैं कि अदालत के आदेश का सम्मान करते हुए पूर्ण रूप से शांति व्यवस्था बनाए रखें। अफवाहों पर कतई ध्यान न दें। लोगों की बयानबाजी को नजरअंदाज करते रहें, इसी में सबकी भलाई है। शांति, संयम और सद्भाव के मूल मंत्र को हम मजबूती से पकड़े रहें।
ज्ञानवापी में सर्वे के बीच जिला जज की कोर्ट में एएसआई की तरफ से भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल अमित श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिए जाने का अनुरोध किया। इस पर अदालत का आदेश आना बाकी है।
अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने कहा कि पहले सुप्रीम कोर्ट और फिर हाईकोर्ट की रोक के कारण तीन अगस्त तक सर्वे का काम नहीं हो सका। इस कारण जिला जज की अदालत द्वारा चार अगस्त को मांगी गई सर्वे रिपोर्ट दाखिल नहीं की जा सकी। अब हाईकोर्ट से रोक समाप्त किए जाने के बाद चार अगस्त से सर्वे का काम शुरू हुआ है।