Varanasi News: ज्ञानवापी के 1991 के पुराने केस में सोमवार को वाराणसी के सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें वादमित्र को हटाने की अर्जी पोषणीयता पर ही खारिज कर दी गई थी। अब इस मामले में 14 अगस्त को सुनवाई होगी।
Gyanvapi Case: सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) भावना भारती की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी के 1991 के पुराने मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट में बेटियों की ओर से अधिवक्ता ने बहस पूरी की। अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी।
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11 जुलाई को सुनवाई पर वादी रहे मृतक हरिहर पांडेय की बेटियों की ओर से वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने की अर्जी पोषणीयता पर ही खारिज कर दी गई थी। उसी दिन बेटियों की ओर से अधिवक्ता ने आदेश में संशोधन संबंधित अर्जी दाखिल की थी।
बेटियों की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया कि आदेश त्रुटिपूर्ण है। उस पर पिछली तिथि पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से आपत्ति दाखिल की गई है। कहा गया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही कोर्ट ने विधि सम्मत आदेश दिया है। इस आदेश में कोई त्रुटि नहीं है।
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इस आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में रिवीजन कर सकते हैं। संशोधित करने संबंधित कोई भी विधि व्यवस्था नहीं है। इस मामले में पक्षकार के लिए विकल्प है। एक मात्र सत्र न्यायालय में रिवीजन दाखिल करना है। पक्षकार संबंधित अर्जी पर अंतिम दौर में बहस हो रही थी। मगर इस तरह की अर्जी देकर सिर्फ मुकदमे की अग्रिम कार्रवाई में बाधा पहुंचाई जा रही है।