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गुरुओं के द्वार पर भक्तों का उमड़ा रेला

Wed, 20 Jul 2016 02:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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शंकराचार्च स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती का पूजन करते भक्त।
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काशी में मंगलवार का दिन संतों, संन्यासियों, आचार्यों, विद्वानों और संगीत गुरुओं के नाम रहा। गुरु पूर्णिमा पर मठों, आश्रमों से लेकर संगीत घराने तक की रौनक देखते बनीं। पूजा-आरती के बाद एक तरफ गुरु दर्शन के लिए लंबी कतार लगी तो दूसरी ओर भोग-भंडारा हुआ। आस्था की प्रतीक पीठों पर देश के कोने-कोने से भक्त पहुंचे और हाजिरी लगाई। 
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गड़वा घाट आश्रम परिसर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव यादगार बन गया। यहां लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल यादव, राज्य सभा सदस्य शिवपाल सिंह, लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेंद्र पटेल ने गुरु शरणानंद का आशीर्वाद लिया। मेले में सुबह बारिश के बावजूद रेला उमड़ पड़ा था। आश्रम जाने वाली सड़क की दोनों पटरियों पर फलों, मिठाइयों के अलावा रंग, मेहंदी और खिलौनों की दुकानों पर भीड़ लगी रही। सुबह समाधियों की पूजा के बाद स्वामी शरणानंद महाराज ने शीशमहल में इस बार दर्शन दिया। इस दौरान बच्चों, महिलाओं की लंबी कतार लगी रही। 
पड़ाव स्थित अघोरपीठ में सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष बाबा गुरुपद संभव राम का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। इस दौरान राजघाट पुल तक भक्तों की कतार पहुंच गई थी। गुरुपद ने अपने संदेश में कहा कि हम गुरु के विचारों और दिनचर्या पर ध्यान देकर उस पर अमल कर के बहुत कुछ सीख सकते हैं। गुरु दर्शन कार्यक्रम के साथ ही आश्रम स्थित कुष्ठ सेवा अस्पताल में विभिन्न क्षेत्र से आए ख्याति प्राप्त चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। 
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उधर, क्रीं कुंड स्थित बाबा कीनाराम अघोरपीठ परिसर में अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम ने भक्तों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि अच्छे विचारों से ही अच्छे समाज का सृजन होगा। उन्होंने काशी की नदियों को स्वच्छ रखने और उन्हें बचाने की भी भक्तों को प्रेरणा दी। कहा कि गंगा को निर्मल बनाना हमारी जिम्मेदारी है। व्यवस्थापक अरुण सिंह के नेतृत्व में नीरज, गुंजन, कांता, राजू, संगीता, राजदीप, विपिन, गोवर्धन समेत तमाम लोगों ने व्यवस्था संभाली। मणिकर्णिका घाट स्थित सतुआ बाबा आश्रम में महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात समेत कई राज्यों से भक्त पहुंचे। 
अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास परिसर में महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र का पादुका पूजन किया गया। धर्मसंघ शिक्षामंडल में गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर उत्सव जैसा माहौल रहा। पीठाधीश्वर शंकर देव चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि बिना गुरु के ज्ञान नहीं मिलता और ज्ञान के बिना कल्याण संभव नहीं है। धर्मसंघ शिक्षामंडल के महासचिव जगजीतन पांडेय ने अलग-अलग राज्यों से आए भक्तों के प्रति आभार जताया। 
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