संजीव सिंह शहर के सिविल लाइन मोहल्ले में मोटर पार्ट्स की दुकान चलाता था। लॉकडाउन होने की वजह से उनकी दुकान काफी दिनों से बंद चल रही थी। परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। ऐसे में इकलौता आठ साल का बेटा करीब एक सप्ताह पूर्व अपने गांव चला गया था। संजीव और उनकी पत्नी घर में मौजूद थी।
संजीव सिंह करीब छह महीने का मकान का किराया नहीं दे पाए थे। मकान मालिक बार-बार किराया मांग रहा था। इस बात को लेकर दोनों के बीच पहले भी कहासुनी और एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी गई थी। सोमवार सुबह मकान मालिक और उनके बेटे घर पर पहुंचे। दोनों लोग संजीव से किराये की मांग करने लगे। इस बात पर दोनों के बीच विवाद और कहासुनी होने लगी।
इस दौरान गोली चला दी गई और गोली लगने से संजीव और पत्नी साधना सिंह दोनों घायल हो गए। गोली दोनों के पेट में लगी। मोहल्ले में गोली चलने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हालत गंभीर देख डॉक्टर ने दोनों को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया, लेकिन दोनों को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान संजीव की मौत हो गई। वहीं थोड़ी देर बाद पत्नी की बी मौत हो गई। उधर घटना की जानकारी होने पर संजीव के गांव से उनके परिवार और काफी संख्या में गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना के संबंध में थाने में तहरीर दी गई।
एसपीसिटी पंकज पांडेय ने बताया कि मकान के किराये को लेकर यह विवाद होना पता चला है। आरोपी मकान मालिक और उसका बेटा पुलिस की हिरासत में है। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस सच का पता लगाने के लिए गहनता से जांच पड़ताल में जुटी हुई है।