किसानों में जीएसटी को लेकर निराशा हो सकती है। खाद पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। कीटनाशकों पर 18 प्रतिशत तक टैक्स देना पड़ेगा। राहत की बात यह है कि हस्त और जानवर चालित कृषि यंत्रों पर जीएसटी नहीं लगेगा।
जीएसटी से किसानों पर खर्च का बोझ बढ़ेगा। मानसून आने के बाद किसान आगे की खेती में जुटे हुए हैं। जुलाई में उन्हें खाद व दवाइयों की जरूरत पड़ेगी। तब जीएसटी लगने से इनमें दाम बढ़ जाएंगे। जुलाई के बाद यूरिया, डाई और कीटनाशक महंगे होने वाले हैं।
जीएसटी के बाद एक एकड़ में खेती करने की लागत लगभग 360 रुपये तक बढ़ जाएगी। इसका असर खाने-पीने के सामान के दाम पर भी पड़ेगा। जीएसटी लगने के बाद खाद की कीमत बढ़ने वाली है।
नई दरों के मुताबिक उर्वरकों पर 12 प्रतिशत, कीटनाशकों पर 18 प्रतिशत और ट्रैक्टर 12 प्रतिशत कर देना होगा।
उत्पाद अब जीएसटी के बाद
बीज 400 400
यूरिया 680 720
डाई 1050 1300
जिंक 250 270
कीटनाशक 550 600
जीएसटी के विरोध में बंद रहेंगी जरी की दुकानें, कारखाने
GST
जीएसटी के विरोध में कपड़ा मंडी के साथ वाराणसी वस्त्र उद्योग संघ ने 27, 28 और 29 को बंदी की घोषणा की है। इसके चलते मदनपुरा, बड़ी बाजार, मऊ, मुबारकपुर, लोहता जैसे मंडियों में मार्केट बंद रहेंगे।
बनारसी वस्त्र उद्योग संघ के समर्थन की घोषणा नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने किया है। यह फैसला अगड़िया एसोसिएशन की बैठक में लिया गया। इसमें महामंत्री डॉ. अंजनी मिश्रा, श्रीराम अग्रवाल, मोनी सिंह, विनीत शाह, संजीव मोहले, जगदीश बाबू, श्रीराम रस्तोगी, दिलीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
उधर, जरी व्यापार मंडल तथा काशी कलाबत्तू कुटीर उद्योग मंडल की कार्यकारिणी की एक संयुक्त बैठक रविवार को नाटी इमली में हुई। अध्यक्षता जरी व्यापार मंड के अध्यक्ष राम प्रकाश ने की। इसमें जरी /कलाबत्तू पर जीएसटी लगाने पर दोनों व्यापार मंडल के सदस्यों ने रोष व्यक्त किया।
दोनों संगठनों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया कि 27 से 29 जून तक जीएसटी के विरोध में सभी अपनी दुकान और कारखाने बंद रखेंगे। बैठक में काशी कलाबत्तू उद्योग मंडल के अध्यक्ष श्याम सुंदर जायसवाल, घनश्याम जायसवाल, ओम प्रकाश गुप्ता, शिवशंकर गुप्ता, भइयालाल, सत्येंद्र, श्रीप्रकाश, ओमप्रकाश, श्रीधर, अमूल्य, मोतीलाल, शिवकुमार, अशोक आदि मौजूद रहे।
उधर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेशपति त्रिपाठी ने बनारसी वस्त्र उद्योग उत्पाद पर जीएसटी लगाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने कहा है कि बनारस के सांसद के प्रधानमंत्री रहते हुए बनारसी वस्त्र उद्योग को जीएसटी में शामिल किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।