जीआरपी थाने के शस्त्रागार में बुधवार दोपहर एके 47 राइफल से दो गोलियां दग गईं। दोनों गोलियां छत में जाकर धंस गईं और उस समय शस्त्रागार में मौजूद तीन सिपाही बाल-बाल बच गए। घटना के वक्त जीआरपी इंस्पेक्टर और आधा दर्जन एसआई सहित अन्य स्टाफ थाने में मौजूद था लेकिन पूरे घटनाक्रम को छिपाया जाता रहा। उधर, एसपी जीआरपी ने घटना को गंभीर मानते हुए कहा कि इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच स्थित जीआरपी थाने से बुधवार दोपहर गोली चलने की आवाज आई। अनहोनी की आशंका से आसपास मौजूद लोग थाने पहुंच गए। सूत्रों की मानें तो घटना उस समय हुई, जब इंस्पेक्टर इलाहाबाद जाने की तैयारी कर रहे थे और हमराही एके-47 लेने गया था। असलहे उतारते समय किसी तरह दो गोलियां दग गईं। हालांकि, वहां पहुंचे लोगों को बताया गया कि कुर्सी गिर गई है और आवाज इसी वजह से हुई थी।
इकट्ठा हुए लोगों को आनन-फानन में हटा भी दिया गया। इस बीच, इंस्पेक्टर ने शस्त्रागार का निरीक्षण किया और सिपाही को फटकार लगाई। बता दें कि थाने के शस्त्रागार में लोड असलहे रखने की अनुमति नहीं है। शस्त्रागार में असलहे जमा करते समय उसकी मैगजीन निकाल कर गिनती करनी होती है लेकिन यहां नियम-निर्देशों की अनदेखी की गई।