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शानदार ऑफर्स ने छुट्टी का मजा बढ़ा दिया

Mon, 30 May 2016 01:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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अमर उजाला शाापिंग फेस्टिवल में उमड़ी लोगों की भीड़।
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अमर उजाला शॉपिंग फेस्टिवल के तीसरे दिन रविवार को खरीदारों की जबरदस्त भीड़ चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में उमड़ी। लोगों ने छुट्टी का फायदा उठाया और जमकर खरीदारी की। लजीज व्यंजनों का लुत्फ भी लिया। शॉपिंग फेस्टिवल में प्रवेश मुफ्त है।
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यहां देश के विभिन्न शहरों से आए कारोबारियों के सैकड़ों स्टाल लगे हैं। आकर्षक उत्पादों के साथ शानदार ऑफर भी दिए जा रहे हैं। अशोक मसाले के 80 रुपये की खरीद पर अगरबत्ती तो 300 रुपये की खरीद पर ढाई सौ ग्राम चाय मुफ्त है। अन्य उपहार अलग। इसी प्रकार स्लीपवेल के स्टॉल पर एक जोड़ी गद्दा लेने पर ब्रांडेड रजाई या बेड शीट दी जा रही है। मॉडर्न हेल्थमेट के स्टॉल पर पॉवर कनवर्टर, हवा के जरिए पैर दबाने वाली मशीनें लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं।


बजाज की विक्रांता-15, पल्सर एस-150 और सीटी-100 भी आकर्षण का केंद्र है। फेस्टिवल के सह प्रायोजक ‘हीरो’ की ओर से डुएट स्कूटर की टेस्ट ड्राइव का भी लोगों ने लुत्फ उठाया। इसमें शामिल होने वाले लकी ड्रा में शामिल होकर स्कूटर जीत सकेंगे। इसके अलावा रियल इस्टेट, ऑटोमोबाइल, होम अप्लाइंसेज, फैशन आदि से संबंधित करीब डेढ़ सौ स्टॉल लगे हैं। विस्तृत जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 8808076377 पर संपर्क किया जा सकता है।
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शॉपिंग फेस्टिवल में रविवार की शाम यहां आने वालों ने खूबसूरत नृत्य का भी आनंद उठाया। टाइगर डांस ग्रुप ने नृत्य व गायन से समां बांध दिया। शानू, रोहित, सिवानी, शुभम्, श्रेया, सौरभ और हिमांशू ने शानदार परफार्मेंस दी। वहीं जय प्रकाश ने सुर आकर्षक सुर लगाए। गिटार पर अभिनाश, तबले पर दिलीप मिश्रा और हारमोनियम पर भोला ने साथ दिया।


वहीं, शॉपिंग फेस्टिवल में अमर उजाला पब्लिकेशन के स्टाल पर रखी 566 पेज की पुस्तक ‘रस ब्रज रज कौ’ पाठकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। ब्रज के 84 कोस की परिक्रमा की जीवंत झांकी प्रस्तुत करने वाली यह पुस्तक आठ खंडों में बंटी है। मधुपुरी वन, वृंदावन, देवालय, उपवन, गोवर्धन, लीलागम, रंग रंगीलो राजस्थान को शामिल किया गया है। यह पुस्तक ब्रज 84 कोस यात्रा के परंपरागत मार्ग से अलग है। यात्रा के मध्य में पड़ने वाले गांवों को बाद में प्रकाशित किया गया है। साथ ही सों जैसे भी ऐतिहासिक गांव जोड़े गए हैं। धर्म और इतिहास की खान राजस्थान के धुंध में पड़े स्थलों पर ही इस पुस्तक में प्रकाश डाला गया है।
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