हैंड सैनिटाइजर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Social media
इस टंकी में एंटी वायरस दवा बी-904 डाली जाती है। यहां बाकायदा इन्वर्टर और 500 वॉट का मोटर लगाया गया है जिससे फौव्वारा चलता है। किसी भी प्रवेश करने वाले का पैर जैसे ही नीचे पटरे पर पड़ेगा फव्वारा चालू हो जाएगा। 15 सेकेंड में वह पूरी तरह सैनिटाइज हो जाएगा। जिले में यह पहला सैनिटाइजिंग टनल है। जो क्वारंटीन सेंटर में स्थापित किया गया है। इसे स्थापित करने में रईश ने डेढ़ लाख रुपये खर्च किए हैं।
कोरोना को सामूहिक प्रयास से ही हराया जा सकता है। स्कूल की ओर से सेनिटाइजिंग टनल की स्थापना सराहनीय है। इससे प्रेरणा लेकर अन्य समाजसेवियों की मदद से जिले के अन्य शेल्टर होम में भी इसकी स्थापना का प्रयास किया जाएगा।
डॉ.रामजी पांडेय, सीएमओ