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UP: दादी को खाने में दिया जहर, पोती ने पति के साथ इसलिए बनाया था ये प्लान; इसे हासिल करना चाहती थी रबिना

Mon, 22 Jun 2026 08:22 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

वाराणसी में सरकारी नौकरी पाने के लिए पोती ने दादी को खाने में जहर दे दिया। खाना खाते ही दादी की तबीयत बिगड़ गई। इलाज के बाद उनकी जान बची। केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी पोती को उसके पति के साथ गिरफ्तार कर लिया। 
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वाराणसी में रिश्तों का कत्ल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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वाराणसी में कृषि विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मी पानपति (55) ने पोती रबिना और उसके पति मोनू कुमार के खिलाफ लोहता थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पानपति का आरोप है कि सरकारी नौकरी पाने के लिए पोती ने उसे खाने में जहर देकर मारने का प्रयास किया। इलाज से जान बच सकी।
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पुलिस ने आरोपी रबिना और उसके पति मोनू कुमार को मुडै़ला तिराहे के पास से रविवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दंपती सिगरा के मलदहिया स्थित मलिन बस्ती में रहते हैं। पुलिस ने आरोपियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

कोरौता स्थित गोपालपुर निवासी पानपति ने शनिवार को लोहता थाने की पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह कृषि विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मी हैं। 19 जून की सुबह 8:30 बजे घर पर थीं। इसी बीच पोती रबिना और उसके पति मोनू कुमार आ गए। दोनों ने खाने में जहर मिलाकर खिला दिया। इससे तबीयत बिगड़ गई और उल्टी होने लगी। यह देख दोनों भाग निकले। किसी तरह घर से निकलकर अस्पताल जाने का प्रयास किया।
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सिटकहवां बाबा मंदिर के पास पहुंची थी कि अचेत होकर गिर गई। आसपास के लोगों ने किसी तरह एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने जहर की पुष्टि की और मामले की सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने पानपति का बयान दर्ज किया। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई।
 

मृतक आश्रित में नौकरी हासिल करना चाहती है पोती
लोहता थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि पीड़िता पानपति ने इलाज के दौरान बयान दिया था। कहा था कि पोती और दामाद ने खाने में जानबूझकर जहर मिलाया था। दोनों की नजर सरकारी नौकरी पर है। पोती को लगता है कि मरने के बाद उसे मृतक आश्रित में नौकरी मिल जाएगी।

पानपति की तहरीर के आधार पर गत शनिवार को जहरखुरानी सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। रविवार को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि सरकारी नौकरी पाने के लिए दादी के खाने में जहर मिलाया था। दादी की मौत हो जाती तो आसानी से मृतक आश्रित में नौकरी मिल जाती। कागजात बनवाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आती।
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पानपति को पांच साल बाद होना है सेवानिवृत्त
पानपति ने पुलिस को बताया कि उसके पति शिवमूरत की मौत हो चुकी है। घर में अकेले ही रहती हैं। उसकी पोती रबिना और पति मोनू कुमार आवाजाही करते थे। पांच साल बाद सेवानिवृत्त होना है इसलिए पोती जान लेना चाहती है।
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