मिर्जापुर जिले के चुनार कोतवाली क्षेत्र के केला बेला गांव स्थित एक ईट भट्ठे पर मिट्टी खनन के कारण बने गड्ढे में सोमवार की दोपहर डूबने से दादा और पौत्र की मौत हो गई। सूचना पर जुटे लोगों ने उन्हें निकाला लेकिन तब तक दोनों की जान जा चुकी थी।
केला बेला गांव निवासी खटटू (57) सोमवार को लगभग दो बजे अपने पोते आदर्श (10) पुत्र वीरेंद्र के साथ गांव के एक ईट भट्ठे में मौजूद गड्ढे में मछली मारने गया था। दोपहर करीब ढाई बजे दादा-पोते कटिया से मछली मार रहे थे। इसी बीच आदर्श का पैर फिसल गया और तालाब में गिर पड़ा।
पोते को तालाब में डूबते देख दादा भी उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़ा और उसे पकड़कर बाहर ला रहा था लेकिन बीच में दम फूलने से पोते के साथ ही वह भी डूब गया। भट्ठे पर मौजूद मजदूरों ने यह देख उनके परिजनों को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिवार के लोग ग्रामीणों की मदद से दोनों को बाहर निकालकर जिला चिकित्सालय ले गए। जहां देखते चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।