कहा कि छोटे बच्चे घर में माता-पिता की बातचीत, व्यवहार तथा अपने साथ हो रहे व्यवहार को नोटिस करता है। कहा कि बच्चों को आदर्श कहानी, उत्तम चरित्र की कथाएं बताएं। ऐसी पुस्तकें घर में रखें। कहा कि यह प्रशिक्षण उपयोगी होगा। इसमें काशी के आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल विकास व महिला कल्याण के चमत्कारी परिणाम दिखेंगे। इस अवसर पर मंत्री स्वाति सिंह, विद्या भारती के पदाधिकारी व विभागीय अधिकारी एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बच्चों में न डालें मोबाइल की आदत : राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी के बच्चे बहुत पावरफुल व संवेदनशील हैं। बच्चों में मोबाइल की आदत न डालें। माताएं अपने काम की व्यस्तता में भी बच्चों को मोबाइल देकर न उलझाएं। इसका गलत असर पड़ता है। बच्चों के खानपान में तला-भुना से परहेज करें। पौष्टिक व सुपाच्य भोजन की आदत डालें।
माताओं-बच्चों की तबीयत खराब होने पर डाक्टर को दिखाएं: राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि माताओं-बच्चों की तबीयत खराब होने पर अस्पताल, डॉक्टर को दिखाएं। किसी जादू टोना झाड़-फूंक, गंडा-ताबीज जैसे अंधविश्वास में न आएं। राज्यपाल ने बाल विवाह का विरोध करने का दृष्टांत भी सुनाया।
शिक्षित नारी पूरे घर परिवार को अच्छे से गढ़ सकती है: राज्यपाल
राज्यपाल ने बताया कि वह कानपुर व लखनऊ यूनिवर्सिटी में गर्भ संस्कार का आयोजन करा रही है। स्वस्थ माता, स्वस्थ बच्चे, संस्कारित शिक्षा, शिक्षित नारी घर परिवार को अच्छे से गढ़ सकती है। इसके लिए स्वयं प्रशिक्षित हो और दूसरों को जागरूक करें। सभी विभाग मिलकर बाल विकास एवं महिला कल्याण के कार्यों के लिए समन्वित रूप से कार्य करें। इससे आदर्श समाज का निर्माण होगा।