काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग की साइटोजेनेटिक्स प्रयोगशाला में ड्रोसोफिला तकनीक का प्रशिक्षण देने के लिए शिक्षक-प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया है। इस योजना के तहत भारत सरकार से पांच साल के लिए प्रशिक्षण केंद्र को दो करोड़ रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी।
जंतु विज्ञान विभाग में स्थापित प्रशिक्षण केंद्र के जरिये कक्षा व प्रयोगशाला शिक्षण में ड्रोसोफिला तकनीक का प्रयोग करने लिए शिक्षक व शोधार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। केंद्र सरकार से पांच वर्ष की अवधि के दौरान साइटोजेनेटिक्स प्रयोगशाला स्थित इस प्रशिक्षण केंद्र की गतिविधियों के लिए दो करोड़ रुपये की अनुदान राशि मिलेगी। यह प्रयोगशाला अपने उच्च कोटि के अनुसंधान अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त है। प्रो. एससी लखोटिया इस परियोजना के मुख्य अन्वेषक हैं और सहायक आचार्य डॉ. ऋचा आर्य व डॉ. बामा चरण मंडल सहायक मुख्य अन्वेषक हैं। प्रो. लखोटिया ने बताया कि अगले पांच वर्ष की अवधि में केंद्र 15 प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करेगा।