प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में जिले में करीब 20 हजार ऐसे लाभार्थी बन गए थे, जिनको जांच के बाद पकड़ा गया। उनसे करीब 54 लाख रुपये वसूले गए हैं। वे गलत कागज लगाकर इस योजना का लाभ उठा रहे थे। इसमें से करदाता और भूमिहीन ज्यादा थे। कृषि विभाग ने उन सभी को अपात्र घोषित कर दिया है।
कुछ राज्यों में इस योजना में गड़बड़ी मिलने के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की जांच करवाई। उप निदेशक कृषि एके सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने जिले के 6820 करदाता किसानों की सूची भेजी थी। उसकी जांच करवाने के बाद उनको अपात्र कर दिया गया। उनको नोटिस जारी कर उनसे उठाए गए किस्त की वसूली की गई। साथ ही उनको अपात्रता की श्रेणी में डाल दिया गया।
जांच में 12749 भूमिहीन भी पाए गए, उनको भी अपात्र घोषित कर दिया गया है। अभी तक अपात्र होने के बाद भी इस योजना का लाभ उठाने वालों से 53,94000 रुपये वसूले गए हैं। किसान सम्मान निधि योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई। योजना के तहत किसानों को साल भर में तीन किस्त में कुल छह हजार की राशि दी जाती है। प्रत्येक किस्त में दो-दो हजार रुपये की है।
एक लाख को मिली है 15वीं किस्त
पीएम किसान सम्मान निधि की 15वीं किस्त जिले के 1,00183 किसानों को मिली है। जबकि जिले में पहली किस्त 2,74615 किसानों को मिली थी। मगर जांच के बाद काफी किसान अपात्र हो गए हैं। नए नियम के तहत किसानों के कागजात में काफी गड़बड़ियां मिली थीं। जांच के बाद उन्हें दोबारा आधार गड़बड़ी को सुधारने, भूलेख अंकन और बैंक खातों की एनपीसीआई करवाने का निर्देश दिए गए। इसकी वजह से काफी किसान कम हो गए हैं।