बलिया। आज की सरकार ने संस्थाओं की स्वायत्तता को समाप्त कर दिया है, जिससे तानाशाही पैदा होगी। संविधान पर हमला इस तरह हो रहा है कि न्याय की परिभाषा बदल गई है। यह बात पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने मंगलवार को भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) के दो दिवसीय राज्य सम्मेलन में कही।
इससे पूर्व महिलाएं आजाद पार्क से जुलूस निकालकर नारा लगाते हुए टाउन हाल पहुंचीं और ध्वजारोहण किया। सुभाषिनी अली ने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री ने नारियों के सम्मान की बात की और उसी दिन गुजरात में उनकी सरकार ने बिलकिस बानो कांड के दोषियों को रिहा कर दिया। वहीं, जघन्यतम अपराध की कोटि में आने वाले इस कांड के दोषियों को महिमा मंडन किया गया। नफरत को इस तरह हमारे अंदर बैठा दिया गया है कि महंगाई और भ्रष्टाचार आभूषण लगने लगे हैं। लोग जनसमस्याओं और सरकार की जनविरोधी नीतियों पर मौन साधे हैं।
संगठन की राष्ट्रीय सचिव मरियम धावले ने कहा कि आज हमने विकास इस तरह किया है कि भारत भूख के मामले में दुनिया का नंबर वन देश बन गया है। भूख का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है। इनका सबसे बड़ा कारण महंगाई और बेरोजगारी है। सरकार के निजीकरण की नीति इसे और बढ़ावा दे रही है। देश के नागरिकों को सस्ता राशन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। आज आरएसएस के लोग सत्ता पर काबिज है और देश बेचकर अडानी-अंबानी की संपत्ति बढ़ा रहे हैं। अडाणी-अंबानी आबाद और देश बर्बाद हो रहा है। इस मौके पर सीमा कटियार, मधु गर्ग, सलमाना सिद्दीकी, वंदना आदि मौजूद रहीं।