43 दिवसीय सुर गंगा संगीत महोत्सव के समापन अवसर पर बोले राज्यपाल
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राज्यपाल राम नाईक ने मंगलवार की रात कहा कि बनारस को ‘सिटी ऑफ म्यूजिक’ का दर्जा देकर यूनेस्को का भी मान बढ़ा है। काशी वह नगरी है, जहां मृत्यु होने से तो मोक्ष मिलता ही है, यहां से ले जाए गए गंगा जल की एक बूंद भी अंत समय मुंह में पड़ जाए तो उससे भी मुक्ति मिलने की धारणा है।
टाउनहाल में आयोजित 43 दिवसीय सुर गंगा संगीत महोत्सव के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने पुरातन नगरी काशी की संस्कृति और परंपरा का बखान किया।
इससे पहले वैदिक परंपरा से पाणिनी कन्या महाविद्यालय की देव कन्याओं द्वारा मंत्रोच्चार कर राज्यपाल का स्वागत किया गया। राज्यपाल ने शहनाई के उस्ताद भारतरत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, सितार के पर्याय रहे भारतरत्न पं. रविशंकर, तबला सम्राट पं. अनोखे लाल, पं. कंठे महाराज, पं. किशन महाराज को भी याद किया।
राज्यपाल ने कहा कि काशी संगीत गुरुओं, विद्वानों की खान रही है। इस नगरी की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। उन्होंने पीएम के कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने का भी जिक्र किया। कहा कि यूपी ने अब तक देश को नौ पीएम दिए हैं।
इनमें से नरेंद्र मोदी ने तीन साल में जिस तरह विश्व में देश का मान बढ़ाया, उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर निरोगी काया, स्वच्छ मन के लिए बढ़-चढ़ कर योग करने की काशीवासियों से अपील की।
समारोह से जाते समय पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के बढ़ते हौसले कुचलने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। सरकार की कार्रवाई से तेजी से सुधार भी हो रहा है। इस दौरान उन्होंने केरल के गोवध प्रकरण पर टिप्पणी से इनकार कर दिया।